हो जय जयकार जय जयकार करे
वो है हमारा राजा राजा
दुःख संकट से बचाता बचाता
हम पर आपनी करुणा करता और करता उपकार
क्यों न उस पर तन मन वारे दे अपना अधिकार
स्वर्ग है उसका सिंहासन सिंहासन
पृथ्वी बनी है आसन आसन
आकाश उसकी महिमा बताये हस्त कला को दिखाए
साड़ी पृथ्वी उसकी रचना, उसका ही प्रताप
उस पर जिसका भरोसा भरोसा
वो तो कभी न डिगेगा डिगेगा
चाहे बीमारी चाहे गरीबी चाहे हो आकाल
सब संकट से सब कष्टों से हो जायेगा पार
वो है हमारा राजा राजा
दुःख संकट से बचाता बचाता
हम पर आपनी करुणा करता और करता उपकार
क्यों न उस पर तन मन वारे दे अपना अधिकार
स्वर्ग है उसका सिंहासन सिंहासन
पृथ्वी बनी है आसन आसन
आकाश उसकी महिमा बताये हस्त कला को दिखाए
साड़ी पृथ्वी उसकी रचना, उसका ही प्रताप
उस पर जिसका भरोसा भरोसा
वो तो कभी न डिगेगा डिगेगा
चाहे बीमारी चाहे गरीबी चाहे हो आकाल
सब संकट से सब कष्टों से हो जायेगा पार