Guzra hai wo un raho se - गुज़रा है वो उन राहों से

0

 गुज़रा है वो उन राहों से

जिनसे हम गुज़रते हैं
यीशु जी के चाहने वाले (2)
तूफानों से लड़ते हें

कश्ती में है साथ मसीहा
लहर लहर किनारे है (2)
अहले हुआ नामे मसीह पर (2)
जीते हैं और मरते हैं...यीशु जी

रूह कुव्वत की पाक हुज़ूरी,
जान को ताज़ा करती है (2)
आँख में आँसू झिल मिल करते
अब जिगर को तकते हैं
यीशु जी के...

तकते तकते यीशु मसीह को
सबकी सूरत बदल गयी
जान जिस्म रूह राहे खुदा में
नज़रे मसीह तरसे हें, ...यीशु जी




Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)