अपनी हजूरी से मेरे खुदा
रूह की मामूरी से मेरे खुदा
मुझे छू-ले छू-ले छू-ले तू
टूटा हुआ एक दर्पण हूँ मैं
उजड़ा हुआ एक आँगन हूँ मैं
बाराह बरस की रोगन हूँ मैं
मुझे छू-ले छू-ले छू-ले तू
छू ले मुझे मेरा जीवन बदल
सरे गुनाह जाये दिल से निकल
मुझको पिलदे तू जीवन का जल
मुझे छू-ले छू-ले छू-ले तू
तरसे तुझे ये निगाहें मेरी
तरसे तुझे ये बाहें मेरी
करदे ख़तम सारी आहें मेरी
मुझे छू-ले छू-ले छू-ले तू