Jiwan ki khoj mein nikla re

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जीवन के खोज में निकला रे
यसू पाया-4
मार्ग पाया सत्या पाया जीवन पाया रे-4

इस दुनिया में घोर अंधेरा
शैतान ने हैं डाला डेरा
सबके मान को उसने घेरा
सबके मान को उसने फेरा
निकला उजियले की खोज में….
 
मान के अंदर पाप की नगरी
भारती जाए कर्म की गागरी
कौन निकले भवसागर से
मेरी प्यासी अँखियाँ तरसें
निकला चुटकारे की खोज में….

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